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अपना जन्म विवरण भरें

सटीक कुंडली के लिए जन्म तारीख, समय और स्थान सही भरें।

रिपोर्ट की एक झलक
आपकी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट
व्यक्तिगत गणना के बाद

सही जन्म जानकारी भरने पर उत्तर भारतीय चार्ट के साथ पूरी Kundli Report खुलेगी। नीचे देखें कि रिपोर्ट में क्या-क्या मिलेगा।

उत्तर भारतीय शैली · डेमो ग्रह स्थिति D1
रिपोर्ट के प्रमुख भाग चार्ट से लेकर व्यक्तिगत उत्तर तक
  1. 01
    D1, D9 एवं उपलब्ध वर्ग चार्ट
  2. 02
    लग्न, चंद्र राशि एवं जन्म नक्षत्र
  3. 03
    ग्रह एवं भाव विश्लेषण
  4. 04
    वर्तमान दशा एवं समय विश्लेषण
  5. 05
    योग एवं दोष
  6. 06
    कुंडली सारांश एवं PDF रिपोर्ट
  7. 07
    व्यक्तिगत विस्तृत फलादेश
  8. 08
    अपनी कुंडली से पूछें
अपनी कुंडली से सीधा सवाल चुनें “मेरी नौकरी कैसी रहेगी?” · “प्रमोशन के योग कैसे हैं?”

जन्म कुंडली

☆ आपकी वैदिक जन्मपत्री ☆

कुंडली आपके जन्म के समय आकाश का नक्शा है—कौन-सा ग्रह किस राशि और भाव में था। सही जन्म विवरण भरें और अपनी जन्मपत्री देखें।

✦ कुंडली बनाएं
1
जन्म विवरण भरेंजन्म तारीख, सही समय और स्थान दर्ज करें।
2
कुंडली गणनावैदिक गणना engine आपकी जन्म कुंडली तैयार करेगा।
3
कुंडली देखेंलग्न, ग्रह, दशा, नवांश और फलादेश समझें।

अपनी Free Janam Kundli Online बनाएं

जन्म कुंडली बनाने के लिए मुख्य रूप से तीन जानकारियां चाहिए—जन्म तिथि, जन्म का सही समय और जन्म स्थान।

उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का जन्म 15 अगस्त 1995 को सुबह 10:30 बजे जयपुर में हुआ है, तो इन तीनों जानकारियों के आधार पर जन्म के उस समय ग्रहों और लग्न की स्थिति की गणना की जाती है।

इसके बाद यह पता लगाया जाता है कि उस समय कौन-सी राशि लग्न में थी, चंद्रमा किस राशि और नक्षत्र में था, अलग-अलग ग्रह किन राशियों और भावों में थे और दशा का क्रम क्या है।

जन्म तिथिसही दिन, महीना और वर्ष
जन्म समयउपलब्ध सबसे विश्वसनीय समय
जन्म स्थानसूची से चुना हुआ सही स्थान

Kundli Report में क्या-क्या मिलेगा?

01

D1 जन्म कुंडली

यह आपकी मुख्य जन्म कुंडली होती है। इसी से लग्न, भाव, ग्रहों की मूल स्थिति और जीवन के प्रमुख क्षेत्रों का अध्ययन शुरू किया जाता है।

02

D9 नवांश कुंडली

नवांश किसी ग्रह की स्थिति को और गहराई से समझने में मदद करती है। विशेष रूप से विवाह और ग्रहों की सूक्ष्म शक्ति के अध्ययन में इसका उपयोग किया जाता है।

03

लग्न और चंद्र राशि

लग्न जन्म समय और स्थान पर बहुत अधिक निर्भर करता है, जबकि चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि बताती है।

04

जन्म नक्षत्र

चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही जन्म नक्षत्र कहलाता है। Vimshottari Dasha की शुरुआत निकालने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

05

ग्रह और भाव

कौन-सा ग्रह किस राशि और किस भाव में है, किस भाव का स्वामी कौन है और ग्रहों के बीच क्या संबंध बन रहे हैं—फलादेश में इन सभी को देखा जाता है।

06

महादशा और अंतर्दशा

कुंडली जीवन की मूल संभावनाएं बताती है, जबकि दशा यह समझने में मदद करती है कि उनमें से कौन-सी संभावना किसी विशेष समय पर सक्रिय हो सकती है।

07

योग और दोष

Manglik Dosha, Raj Yoga या किसी दूसरे योग का परिणाम केवल उसका नाम देखकर तय नहीं किया जाना चाहिए। उसके ग्रह, भाव, शक्ति और पूरी Kundli का context भी देखा जाता है।

जन्म कुंडली क्या है?

जन्म कुंडली, जिसे Janam Kundli, Janam Patrika या Birth Chart भी कहा जाता है, आपके जन्म के समय ग्रहों की स्थिति का ज्योतिषीय नक्शा है। इसे सरल भाषा में birth chart in Hindi भी कहा जा सकता है।

मान लीजिए दो बच्चों का जन्म एक ही दिन हुआ, लेकिन एक का जन्म सुबह जयपुर में और दूसरे का रात में दिल्ली में हुआ। दोनों की जन्म तारीख समान होने के बावजूद उनका लग्न, भावों में ग्रहों की स्थिति और कई दूसरे ज्योतिषीय संकेत अलग हो सकते हैं।

इसीलिए केवल जन्म तारीख देखकर पूरी जन्म कुंडली नहीं बनती। सही समय और स्थान भी जरूरी हैं।

जन्म कुंडली का उपयोग आम तौर पर करियर और नौकरी, विवाह, धन, शिक्षा, व्यवसाय, परिवार, संतान, विदेश, संपत्ति तथा जीवन के अलग-अलग समय में बनने वाली परिस्थितियों को समझने के लिए किया जाता है।

Online Kundli कैसे बनाएं?

यदि आप समझना चाहते हैं कि online Kundli kaise banaye, तो इन चार चरणों में अपनी free Kundli online तैयार करें:

  1. 1

    अपनी सही जन्म तिथि दर्ज करें

    सबसे पहले दिन, महीना और वर्ष सही भरें। जन्म तारीख में एक दिन की गलती भी चंद्रमा, नक्षत्र या दूसरे ग्रहों की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए उपलब्ध जन्म रिकॉर्ड के अनुसार तारीख भरें।

  2. 2

    सही जन्म समय भरें

    जन्म समय सबसे महत्वपूर्ण inputs में से एक है। उदाहरण के लिए, यदि किसी समय लग्न राशि बदलने की सीमा के बहुत पास हो तो 10–15 मिनट का अंतर भी महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि hospital record या birth certificate में जन्म समय उपलब्ध है तो उसे प्राथमिकता दें।

  3. 3

    सही जन्म स्थान चुनें

    सिर्फ शहर का नाम लिखना पर्याप्त नहीं है। सही location suggestion चुनना जरूरी है क्योंकि calculation में स्थान के latitude, longitude और time zone का उपयोग किया जाता है। एक जैसे नाम वाले शहर या गांव होने पर गलत location select न करें।

  4. 4

    Kundli बनाएं

    सभी जानकारी भरने के बाद Kundli generate करें। इसके बाद केवल chart देखकर रुकने के बजाय लग्न, राशि, नक्षत्र, ग्रह स्थिति और वर्तमान दशा को क्रम से देखें।

सही जन्म समय और जन्म स्थान क्यों जरूरी है?

एक practical example समझिए। मान लीजिए किसी बच्चे के परिवार में जन्म समय दो अलग-अलग जगह लिखा है:

Hospital record6:58 AM
परिवार की डायरीलगभग 7:15 AM

17 मिनट का अंतर छोटा लग सकता है। लेकिन यदि उस समय लग्न राशि की सीमा बदल रही हो तो यह अंतर महत्वपूर्ण हो सकता है। Lagna बदलने पर 12 भावों की राशि व्यवस्था भी बदल सकती है।

इसीलिए “लगभग सुबह 7 बजे” और “ठीक 6:58 बजे” को हर स्थिति में एक जैसा नहीं माना जा सकता।

जन्म स्थान भी जरूरी है क्योंकि Ascendant स्थानीय समय और स्थान से जुड़ा होता है।

जन्म समय पता नहीं हो तो Kundli कैसे बनाएं?

यदि जन्म समय बिल्कुल पता नहीं है तो कोई arbitrary समय डालकर बनाई गई Kundli को exact birth chart मानना सही नहीं होगा।

“मेरा जन्म 12 मई 1988 को उदयपुर में हुआ था, लेकिन समय नहीं पता।”

ऐसी स्थिति में जन्म तारीख के आधार पर कुछ planetary information देखी जा सकती है, लेकिन exact Lagna और house-based analysis सीमित हो सकता है।

  • Birth certificate
  • Hospital record
  • पुरानी जन्म पत्रिका
  • परिवार की diary
  • माता-पिता या रिश्तेदारों से जानकारी

यदि केवल approximate time पता है, जैसे “सुबह 8 से 9 बजे के बीच”, तो उस limitation को analysis में स्पष्ट रूप से ध्यान में रखा जाना चाहिए।

आपकी Janam Kundli में क्या-क्या देखा जाता है?

लग्न, राशि और नक्षत्र

लग्न पूरे house structure की शुरुआत देता है। चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि बताती है। नक्षत्र अधिक सूक्ष्म classification देता है और Vimshottari Dasha calculation में भी महत्वपूर्ण होता है।

ग्रह और 12 भाव

ग्रह यह बताते हैं कि किस प्रकार का ज्योतिषीय प्रभाव सक्रिय है, जबकि भाव यह बताते हैं कि जीवन के किस क्षेत्र में उसका परिणाम देखा जा सकता है।

D1 जन्म कुंडली

D1 मूल birth chart है। किसी भी बड़े फलादेश की शुरुआत इसी से होनी चाहिए।

D9 नवांश

D9 का उपयोग केवल विवाह तक सीमित नहीं है। D1 में दिखने वाले कई संकेतों और ग्रहों की सूक्ष्म स्थिति को समझने में भी इसका उपयोग किया जाता है।

महादशा और अंतर्दशा

कुंडली संभावनाएं दिखाती है; दशा यह समझने में मदद करती है कि उन संभावनाओं में से कौन-सी किसी विशेष समय में अधिक सक्रिय हो सकती हैं।

योग और दोष

Manglik Dosha, Raj Yoga या किसी दूसरे योग का परिणाम केवल उसका नाम देखकर तय नहीं किया जाना चाहिए। उसके ग्रह, भाव, शक्ति और पूरी Kundli का context भी देखा जाता है।

कुंडली के 12 भाव क्या बताते हैं?

भावजीवन के मुख्य विषय
पहला भावस्वयं, शरीर, व्यक्तित्व
दूसरा भावधन, परिवार, वाणी
तीसरा भावसाहस, प्रयास, संचार
चौथा भावघर, माता, संपत्ति, सुख
पांचवां भावशिक्षा, बुद्धि, संतान
छठा भावरोग, ऋण, प्रतियोगिता
सातवां भावविवाह, साझेदारी
आठवां भावपरिवर्तन, रहस्य, अचानक घटनाएं
नौवां भावभाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा
दसवां भावकरियर, कर्म, प्रतिष्ठा
ग्यारहवां भावलाभ, आय, इच्छाओं की पूर्ति
बारहवां भावखर्च, विदेश, एकांत, मोक्ष

किसी भाव का फल केवल उसके सामान्य अर्थ से तय नहीं होता। उदाहरण के लिए दसवां भाव करियर से जुड़ा है, लेकिन career prediction में दसवें भाव के साथ उसके स्वामी, ग्रह प्रभाव, divisional confirmation और दशा भी देखी जाती है। संपत्ति और नए घर से जुड़े निर्णय में चौथे भाव के संदर्भ के साथ अलग से गृह प्रवेश मुहूर्त भी देखा जा सकता है।

जन्म कुंडली से क्या-क्या जान सकते हैं?

करियर और नौकरी

Career direction, stability, growth और timing से जुड़े संकेत।

धन और आय

Income, financial tendencies, लाभ और savings से जुड़े संकेत।

शिक्षा

शिक्षा, learning ability और study-related indications।

योग-दोष

कुंडली में बनने वाले प्रमुख combinations और उनका context।

वर्तमान समय

महादशा और अंतर्दशा के आधार पर सक्रिय समय। दिन की पारंपरिक समय-सूचना के लिए आज का पंचांग और आज का चौघड़िया अलग से देखे जा सकते हैं।

ध्यान रखें: ज्योतिषीय interpretation मार्गदर्शन और पारंपरिक संभावनाओं पर आधारित है। स्वास्थ्य, निवेश, कानून या किसी बड़े व्यक्तिगत निर्णय में प्रमाणित जानकारी और योग्य विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता दें।

FAQ

Kundli Online in Hindi से जुड़े सामान्य सवाल

जन्म विवरण, गणना और रिपोर्ट को समझने के संक्षिप्त उत्तर।

Kundli Online in Hindi मुफ्त कैसे बनाएं?

अपनी जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान दर्ज करके online Kundli बनाई जा सकती है। सही परिणाम के लिए जन्म विवरण जितना संभव हो उतना सही रखें।

Kundli और Kundali क्या एक ही हैं?

हाँ, Kundli और Kundali दोनों सामान्यतः जन्म कुंडली या Janam Kundli के लिए इस्तेमाल होने वाली spellings हैं। अलग-अलग users Google पर दोनों spellings से search करते हैं।

जन्म कुंडली बनाने के लिए क्या जानकारी चाहिए?

मुख्य रूप से जन्म तारीख, सही जन्म समय और जन्म स्थान चाहिए। Exact location calculation में latitude, longitude और time zone निर्धारित करने में मदद करती है।

क्या केवल जन्म तारीख से Kundli बन सकती है?

केवल तारीख से कुछ planetary information निकाली जा सकती है, लेकिन exact Lagna और house-based Janam Kundli के लिए जन्म समय और स्थान जरूरी हैं।

जन्म समय गलत हो तो क्या असर पड़ता है?

गलत समय से लग्न, भाव और कुछ divisional calculations प्रभावित हो सकती हैं। Lagna boundary के आसपास कुछ मिनटों का अंतर भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

लग्न और चंद्र राशि में क्या अंतर है?

लग्न जन्म समय और स्थान के आधार पर पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में स्थित होता है, वह है।

D1 और D9 Kundli में क्या अंतर है?

D1 मुख्य जन्म कुंडली है। D9 नवांश एक divisional chart है जिसका उपयोग D1 के संकेतों को अधिक गहराई से समझने, ग्रहों की सूक्ष्म स्थिति और विशेष रूप से विवाह संबंधी analysis में किया जाता है।

महादशा और अंतर्दशा क्या होती हैं?

Vimshottari Dasha में जीवन को ग्रहों से जुड़े समय-खंडों में देखा जाता है। महादशा बड़ा period है और अंतर्दशा उसी period के भीतर छोटा sub-period है।

अलग-अलग Kundli websites पर परिणाम अलग क्यों आते हैं?

जन्म समय, location, timezone, Ayanamsha, Rahu-Ketu convention, house calculation और prediction methodology में अंतर इसका कारण हो सकता है।

Online Kundli बनाने के बाद आगे क्या करें?

पहले जन्म विवरण verify करें। फिर लग्न, राशि, नक्षत्र, ग्रह, भाव और दशा देखें। किसी specific सवाल का जवाब चाहते हैं तो उससे जुड़े कई ज्योतिषीय factors को साथ देखकर निष्कर्ष निकालें।

क्या Kundli report में योग और दोष भी मिलते हैं?

हाँ। KundliLive उपलब्ध deterministic नियमों से बने प्रमुख योग और दोष दिखाता है। यह हर संभव पारंपरिक योग, अपवाद या व्याख्या शामिल होने का दावा नहीं करता।

क्या KundliLive भविष्य के परिणाम की गारंटी देता है?

नहीं। फलादेश गणना-आधारित ज्योतिषीय संकेत समझाता है; यह निश्चित परिणाम या medical, legal अथवा financial सलाह नहीं है।

क्या मुफ्त Kundli बनाने के लिए login जरूरी है?

नहीं। सार्वजनिक Kundli tool में जन्म विवरण भरकर उपलब्ध chart और report बिना login देखी जा सकती है। Account saved profiles और अतिरिक्त निजी सुविधाओं के लिए उपयोगी है।

Kundli report में क्या-क्या शामिल होता है?

उपलब्ध report में जन्म सारांश, लग्न, राशि, नक्षत्र, ग्रहों की degree, D1 और प्रमुख divisional charts, योग-दोष, साढ़ेसाती, दशा-अंतर्दशा-प्रत्यंतर, गोचर और उपलब्ध फलादेश शामिल हैं।

क्या Kundli report print की जा सकती है?

हाँ। Print विकल्प से जन्म सारांश, charts, योग-दोष और साढ़ेसाती, दशा और गोचर अथवा पूरी report चुनी जा सकती है।

अपनी Kundli बनाएं और केवल Chart नहीं, उसका मतलब भी समझें

एक उपयोगी Kundli Online in Hindi वही है जो आपको सिर्फ ग्रहों का chart न दिखाए, बल्कि यह भी समझने में मदद करे कि ग्रहों, भावों, वर्ग कुंडलियों और दशाओं का आपस में क्या संबंध है।

अपनी सही जन्म तिथि, समय और स्थान दर्ज करें, जन्म कुंडली बनाएं और फिर उसके अलग-अलग हिस्सों को क्रम से देखें।

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