सटीक कुंडली के लिए जन्म तारीख, समय और स्थान सही भरें।
सही जन्म जानकारी भरने पर उत्तर भारतीय चार्ट के साथ पूरी Kundli Report खुलेगी। नीचे देखें कि रिपोर्ट में क्या-क्या मिलेगा।
- 01D1, D9 एवं उपलब्ध वर्ग चार्ट
- 02लग्न, चंद्र राशि एवं जन्म नक्षत्र
- 03ग्रह एवं भाव विश्लेषण
- 04वर्तमान दशा एवं समय विश्लेषण
- 05योग एवं दोष
- 06कुंडली सारांश एवं PDF रिपोर्ट
- 07व्यक्तिगत विस्तृत फलादेश
- 08अपनी कुंडली से पूछें
जन्म कुंडली
☆ आपकी वैदिक जन्मपत्री ☆
कुंडली आपके जन्म के समय आकाश का नक्शा है—कौन-सा ग्रह किस राशि और भाव में था। सही जन्म विवरण भरें और अपनी जन्मपत्री देखें।
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जन्म कुंडली बनाने के लिए मुख्य रूप से तीन जानकारियां चाहिए—जन्म तिथि, जन्म का सही समय और जन्म स्थान।
उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का जन्म 15 अगस्त 1995 को सुबह 10:30 बजे जयपुर में हुआ है, तो इन तीनों जानकारियों के आधार पर जन्म के उस समय ग्रहों और लग्न की स्थिति की गणना की जाती है।
इसके बाद यह पता लगाया जाता है कि उस समय कौन-सी राशि लग्न में थी, चंद्रमा किस राशि और नक्षत्र में था, अलग-अलग ग्रह किन राशियों और भावों में थे और दशा का क्रम क्या है।
Kundli Report में क्या-क्या मिलेगा?
D1 जन्म कुंडली
यह आपकी मुख्य जन्म कुंडली होती है। इसी से लग्न, भाव, ग्रहों की मूल स्थिति और जीवन के प्रमुख क्षेत्रों का अध्ययन शुरू किया जाता है।
D9 नवांश कुंडली
नवांश किसी ग्रह की स्थिति को और गहराई से समझने में मदद करती है। विशेष रूप से विवाह और ग्रहों की सूक्ष्म शक्ति के अध्ययन में इसका उपयोग किया जाता है।
लग्न और चंद्र राशि
लग्न जन्म समय और स्थान पर बहुत अधिक निर्भर करता है, जबकि चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि बताती है।
जन्म नक्षत्र
चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही जन्म नक्षत्र कहलाता है। Vimshottari Dasha की शुरुआत निकालने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
ग्रह और भाव
कौन-सा ग्रह किस राशि और किस भाव में है, किस भाव का स्वामी कौन है और ग्रहों के बीच क्या संबंध बन रहे हैं—फलादेश में इन सभी को देखा जाता है।
महादशा और अंतर्दशा
कुंडली जीवन की मूल संभावनाएं बताती है, जबकि दशा यह समझने में मदद करती है कि उनमें से कौन-सी संभावना किसी विशेष समय पर सक्रिय हो सकती है।
योग और दोष
Manglik Dosha, Raj Yoga या किसी दूसरे योग का परिणाम केवल उसका नाम देखकर तय नहीं किया जाना चाहिए। उसके ग्रह, भाव, शक्ति और पूरी Kundli का context भी देखा जाता है।
जन्म कुंडली क्या है?
जन्म कुंडली, जिसे Janam Kundli, Janam Patrika या Birth Chart भी कहा जाता है, आपके जन्म के समय ग्रहों की स्थिति का ज्योतिषीय नक्शा है। इसे सरल भाषा में birth chart in Hindi भी कहा जा सकता है।
मान लीजिए दो बच्चों का जन्म एक ही दिन हुआ, लेकिन एक का जन्म सुबह जयपुर में और दूसरे का रात में दिल्ली में हुआ। दोनों की जन्म तारीख समान होने के बावजूद उनका लग्न, भावों में ग्रहों की स्थिति और कई दूसरे ज्योतिषीय संकेत अलग हो सकते हैं।
इसीलिए केवल जन्म तारीख देखकर पूरी जन्म कुंडली नहीं बनती। सही समय और स्थान भी जरूरी हैं।
जन्म कुंडली का उपयोग आम तौर पर करियर और नौकरी, विवाह, धन, शिक्षा, व्यवसाय, परिवार, संतान, विदेश, संपत्ति तथा जीवन के अलग-अलग समय में बनने वाली परिस्थितियों को समझने के लिए किया जाता है।
Online Kundli कैसे बनाएं?
यदि आप समझना चाहते हैं कि online Kundli kaise banaye, तो इन चार चरणों में अपनी free Kundli online तैयार करें:
- 1
अपनी सही जन्म तिथि दर्ज करें
सबसे पहले दिन, महीना और वर्ष सही भरें। जन्म तारीख में एक दिन की गलती भी चंद्रमा, नक्षत्र या दूसरे ग्रहों की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए उपलब्ध जन्म रिकॉर्ड के अनुसार तारीख भरें।
- 2
सही जन्म समय भरें
जन्म समय सबसे महत्वपूर्ण inputs में से एक है। उदाहरण के लिए, यदि किसी समय लग्न राशि बदलने की सीमा के बहुत पास हो तो 10–15 मिनट का अंतर भी महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि hospital record या birth certificate में जन्म समय उपलब्ध है तो उसे प्राथमिकता दें।
- 3
सही जन्म स्थान चुनें
सिर्फ शहर का नाम लिखना पर्याप्त नहीं है। सही location suggestion चुनना जरूरी है क्योंकि calculation में स्थान के latitude, longitude और time zone का उपयोग किया जाता है। एक जैसे नाम वाले शहर या गांव होने पर गलत location select न करें।
- 4
Kundli बनाएं
सभी जानकारी भरने के बाद Kundli generate करें। इसके बाद केवल chart देखकर रुकने के बजाय लग्न, राशि, नक्षत्र, ग्रह स्थिति और वर्तमान दशा को क्रम से देखें।
उदाहरण से समझें: जन्म कुंडली कैसे पढ़ी जाती है?
यह केवल पढ़ने की प्रक्रिया समझाने वाला उदाहरण है; यहां कोई वास्तविक ग्रह स्थिति या फलादेश निर्धारित नहीं किया गया है।
अब Kundli देखने का सही तरीका यह नहीं है कि सबसे पहले पूछा जाए—“मेरा शनि अच्छा है या बुरा?” बेहतर तरीका चरणबद्ध है।
सबसे पहले लग्न देखें
लग्न Kundli का पहला भाव निर्धारित करता है और बाकी सभी भावों की राशि भी उसी के आधार पर तय होती है। इसलिए किसी व्यक्ति की कुंडली पढ़ते समय केवल “आपकी राशि क्या है?” पूछना पर्याप्त नहीं है।
फिर संबंधित भाव देखें
मान लीजिए सवाल है—“मेरी नौकरी कैसी रहेगी?” ऐसी स्थिति में सबसे पहले करियर से संबंधित भाव, उसके स्वामी, उसमें स्थित ग्रह और उस पर पड़ने वाले प्रमुख प्रभाव देखे जाएंगे।
वर्ग कुंडली से पुष्टि करें
करियर जैसे विषय में संबंधित divisional chart से confirmation लिया जा सकता है। विवाह के विषय में D9 नवांश विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है। किसी divisional chart को अकेले final verdict नहीं मानना चाहिए; उसे D1 के संदर्भ में पढ़ा जाता है।
दशा से समय समझें
यदि Kundli में career growth की अच्छी संभावना है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि promotion अगले महीने ही मिलेगा। वर्तमान महादशा, अंतर्दशा और दूसरे timing factors यह समझने में मदद करते हैं कि कोई संभावना कब अधिक सक्रिय हो सकती है।
“योग है” और “योग अभी फल देगा” दो अलग बातें हैं।
अलग-अलग वेबसाइट पर Kundli अलग क्यों आ सकती है?
कई users एक ही जन्म विवरण अलग-अलग websites पर भरते हैं और देखते हैं कि कहीं भाव अलग हैं, कहीं ग्रह की degree थोड़ी अलग है या फलादेश बदल गया है। इसके कई कारण हो सकते हैं।
जन्म समय में अंतर
यदि दो जगह जन्म समय अलग भरा गया है, तो लग्न और भाव बदल सकते हैं। विशेष रूप से लग्न राशि की सीमा के पास कुछ मिनटों का अंतर भी house structure को प्रभावित कर सकता है।
Location, latitude और longitude
एक जैसे नाम वाले शहर या गांव के कारण गलत Location चुन ली जाए, तो calculation में अलग latitude और longitude आ सकते हैं। ये coordinates स्थानीय astronomical calculation, लग्न और house-related calculations के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Time Zone और DST
जन्म स्थान का सही Time Zone और उस तारीख पर लागू Daylight Saving Time (DST) जन्म समय को standard calculation time में normalize करने के लिए जरूरी है। पुराने या विदेशी जन्म विवरण में यह अंतर विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
Ayanamsha
वैदिक ज्योतिष में tropical longitude से sidereal ग्रह स्थिति निकालने के लिए Ayanamsha लागू किया जाता है। अलग Ayanamsha profiles के कारण ग्रहों की degree में अंतर आ सकता है और सीमा के पास राशि या नक्षत्र भी बदल सकता है।
House calculation method
अलग-अलग प्रणालियां भाव निकालने के लिए अलग House calculation method अपना सकती हैं। इस कारण ग्रह की राशि समान रहते हुए उसका भाव या उससे जुड़ी interpretation अलग दिखाई दे सकती है।
Rahu-Ketu calculation: Mean Node और True Node
Rahu-Ketu की degree निकालने में कुछ प्रणालियां Mean Node और कुछ True Node convention का उपयोग करती हैं। convention बदलने पर node degrees में अंतर आ सकता है। KundliLive की वर्तमान production Kundli Mean Rahu-Ketu policy का उपयोग करती है।
Interpretation rules
Calculation के बाद फलादेश बनाने के नियम भी अलग हो सकते हैं। कोई system एक placement पर अधिक जोर दे सकता है, जबकि दूसरा भाव, भावेश, ग्रह बल, divisional chart और दशा जैसे कई factors को जोड़ सकता है।
| कारण | क्या प्रभाव पड़ सकता है |
|---|---|
| जन्म समय में अंतर | लग्न और भाव |
| गलत जन्म स्थान | स्थानीय astronomical calculation |
| Latitude / Longitude | लग्न और house-related calculations |
| Time Zone / DST | जन्म समय normalization |
| Ayanamsha | sidereal ग्रह positions |
| House calculation method | भाव interpretation |
| Rahu/Ketu convention | node degrees |
| Prediction methodology | final फलादेश |
Chart समान, फलादेश फिर भी अलग
दो websites पर ग्रह और भाव लगभग समान निकल सकते हैं, लेकिन prediction फिर भी अलग हो सकता है क्योंकि interpretation rules अलग हो सकते हैं। एक system केवल एक ग्रह देखकर conclusion दे सकता है, जबकि दूसरा भाव, भावेश, divisional chart, ग्रह बल और दशा जैसे कई factors को जोड़कर निष्कर्ष देता है।
इसलिए केवल यह पूछना कि “कौन-सी website पर Kundli सही है?” पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना चाहिए कि calculation methodology क्या है और फलादेश किस आधार पर दिया जा रहा है।
KundliLive में Kundli की गणना कैसे होती है?
KundliLive की production calculation sidereal planetary positions, calibrated Lahiri Ayanamsha और whole-sign D1 houses का उपयोग करती है। सही जन्म विवरण से लग्न, D1, नक्षत्र, D9 और Vimshottari Dasha क्रमबद्ध रूप से निकाले जाते हैं।
- जन्म तिथि + जन्म समय + जन्म स्थान
- स्थान और समय का normalization
- ग्रहों की sidereal position
- Ayanamsha
- लग्न और D1 जन्म कुंडली
- नक्षत्र और संबंधित calculations
- D9 जैसी वर्ग कुंडलियां
- Vimshottari Dasha
- योग-दोष और दूसरे ज्योतिषीय संकेत
- फलादेश
Calculation transparency जरूरी है क्योंकि user को केवल “accurate Kundli” जैसा दावा नहीं चाहिए। उसे यह भी समझ आना चाहिए कि उसकी Kundli किन calculations के आधार पर बनी है।
सही जन्म समय और जन्म स्थान क्यों जरूरी है?
एक practical example समझिए। मान लीजिए किसी बच्चे के परिवार में जन्म समय दो अलग-अलग जगह लिखा है:
17 मिनट का अंतर छोटा लग सकता है। लेकिन यदि उस समय लग्न राशि की सीमा बदल रही हो तो यह अंतर महत्वपूर्ण हो सकता है। Lagna बदलने पर 12 भावों की राशि व्यवस्था भी बदल सकती है।
इसीलिए “लगभग सुबह 7 बजे” और “ठीक 6:58 बजे” को हर स्थिति में एक जैसा नहीं माना जा सकता।
जन्म स्थान भी जरूरी है क्योंकि Ascendant स्थानीय समय और स्थान से जुड़ा होता है।
जन्म समय पता नहीं हो तो Kundli कैसे बनाएं?
यदि जन्म समय बिल्कुल पता नहीं है तो कोई arbitrary समय डालकर बनाई गई Kundli को exact birth chart मानना सही नहीं होगा।
“मेरा जन्म 12 मई 1988 को उदयपुर में हुआ था, लेकिन समय नहीं पता।”
ऐसी स्थिति में जन्म तारीख के आधार पर कुछ planetary information देखी जा सकती है, लेकिन exact Lagna और house-based analysis सीमित हो सकता है।
- Birth certificate
- Hospital record
- पुरानी जन्म पत्रिका
- परिवार की diary
- माता-पिता या रिश्तेदारों से जानकारी
यदि केवल approximate time पता है, जैसे “सुबह 8 से 9 बजे के बीच”, तो उस limitation को analysis में स्पष्ट रूप से ध्यान में रखा जाना चाहिए।
केवल एक ग्रह देखकर फलादेश क्यों नहीं किया जाता?
सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे statements मिलते हैं—“दशम भाव में शनि है तो नौकरी में परेशानी होगी” या “सप्तम भाव में शुक्र है तो विवाह अच्छा होगा”। वास्तविक Kundli analysis इतना सीधा नहीं होता।
उदाहरण: नौकरी
किसी व्यक्ति की नौकरी देखने के लिए केवल शनि को नहीं देखा जाता। करियर से संबंधित भाव, उसका स्वामी, उसमें स्थित ग्रह, संबंधित divisional chart, ग्रहों का बल और वर्तमान दशा जैसे factors को जोड़कर निष्कर्ष बनाया जाता है।
मान लीजिए दशम भाव में चुनौती देने वाला ग्रह है, लेकिन दशमेश मजबूत है, career divisional chart support करता है और वर्तमान दशा अनुकूल है। ऐसी स्थिति में केवल एक नकारात्मक संकेत देखकर “करियर खराब है” कहना अधूरा analysis होगा।
उदाहरण: विवाह
विवाह के प्रश्न में भी केवल शुक्र देखकर फैसला नहीं किया जाता। सप्तम भाव, सप्तमेश, विवाह के कारक ग्रह, D9 नवांश और संबंधित दशा को साथ पढ़ना पड़ता है। इसके बाद दो लोगों के संदर्भ में कुंडली मिलान देखा जा सकता है, जबकि व्यक्तिगत समय-गणना के लिए Marriage Prediction Tool उपलब्ध है।
Personalised फलादेश = कई ज्योतिषीय संकेतों का संयुक्त निष्कर्ष
आपकी Janam Kundli में क्या-क्या देखा जाता है?
लग्न, राशि और नक्षत्र
लग्न पूरे house structure की शुरुआत देता है। चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि बताती है। नक्षत्र अधिक सूक्ष्म classification देता है और Vimshottari Dasha calculation में भी महत्वपूर्ण होता है।
ग्रह और 12 भाव
ग्रह यह बताते हैं कि किस प्रकार का ज्योतिषीय प्रभाव सक्रिय है, जबकि भाव यह बताते हैं कि जीवन के किस क्षेत्र में उसका परिणाम देखा जा सकता है।
D1 जन्म कुंडली
D1 मूल birth chart है। किसी भी बड़े फलादेश की शुरुआत इसी से होनी चाहिए।
D9 नवांश
D9 का उपयोग केवल विवाह तक सीमित नहीं है। D1 में दिखने वाले कई संकेतों और ग्रहों की सूक्ष्म स्थिति को समझने में भी इसका उपयोग किया जाता है।
महादशा और अंतर्दशा
कुंडली संभावनाएं दिखाती है; दशा यह समझने में मदद करती है कि उन संभावनाओं में से कौन-सी किसी विशेष समय में अधिक सक्रिय हो सकती हैं।
योग और दोष
Manglik Dosha, Raj Yoga या किसी दूसरे योग का परिणाम केवल उसका नाम देखकर तय नहीं किया जाना चाहिए। उसके ग्रह, भाव, शक्ति और पूरी Kundli का context भी देखा जाता है।
कुंडली के 12 भाव क्या बताते हैं?
| भाव | जीवन के मुख्य विषय |
|---|---|
| पहला भाव | स्वयं, शरीर, व्यक्तित्व |
| दूसरा भाव | धन, परिवार, वाणी |
| तीसरा भाव | साहस, प्रयास, संचार |
| चौथा भाव | घर, माता, संपत्ति, सुख |
| पांचवां भाव | शिक्षा, बुद्धि, संतान |
| छठा भाव | रोग, ऋण, प्रतियोगिता |
| सातवां भाव | विवाह, साझेदारी |
| आठवां भाव | परिवर्तन, रहस्य, अचानक घटनाएं |
| नौवां भाव | भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा |
| दसवां भाव | करियर, कर्म, प्रतिष्ठा |
| ग्यारहवां भाव | लाभ, आय, इच्छाओं की पूर्ति |
| बारहवां भाव | खर्च, विदेश, एकांत, मोक्ष |
किसी भाव का फल केवल उसके सामान्य अर्थ से तय नहीं होता। उदाहरण के लिए दसवां भाव करियर से जुड़ा है, लेकिन career prediction में दसवें भाव के साथ उसके स्वामी, ग्रह प्रभाव, divisional confirmation और दशा भी देखी जाती है। संपत्ति और नए घर से जुड़े निर्णय में चौथे भाव के संदर्भ के साथ अलग से गृह प्रवेश मुहूर्त भी देखा जा सकता है।
जन्म कुंडली से क्या-क्या जान सकते हैं?
करियर और नौकरी
Career direction, stability, growth और timing से जुड़े संकेत।
विवाह और संबंध
विवाह, relationship dynamics, D9 और संबंधित timing factors। पहले शादी कब होगी गाइड में ज्योतिषीय विधि समझें; व्यक्तिगत समय-गणना के लिए Marriage Prediction Tool और दो लोगों के संदर्भ में कुंडली मिलान उपयोग करें।
धन और आय
Income, financial tendencies, लाभ और savings से जुड़े संकेत।
शिक्षा
शिक्षा, learning ability और study-related indications।
योग-दोष
कुंडली में बनने वाले प्रमुख combinations और उनका context।
वर्तमान समय
महादशा और अंतर्दशा के आधार पर सक्रिय समय। दिन की पारंपरिक समय-सूचना के लिए आज का पंचांग और आज का चौघड़िया अलग से देखे जा सकते हैं।
ध्यान रखें: ज्योतिषीय interpretation मार्गदर्शन और पारंपरिक संभावनाओं पर आधारित है। स्वास्थ्य, निवेश, कानून या किसी बड़े व्यक्तिगत निर्णय में प्रमाणित जानकारी और योग्य विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता दें।
Kundli Online in Hindi से जुड़े सामान्य सवाल
जन्म विवरण, गणना और रिपोर्ट को समझने के संक्षिप्त उत्तर।
Kundli Online in Hindi मुफ्त कैसे बनाएं?
अपनी जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान दर्ज करके online Kundli बनाई जा सकती है। सही परिणाम के लिए जन्म विवरण जितना संभव हो उतना सही रखें।
Kundli और Kundali क्या एक ही हैं?
हाँ, Kundli और Kundali दोनों सामान्यतः जन्म कुंडली या Janam Kundli के लिए इस्तेमाल होने वाली spellings हैं। अलग-अलग users Google पर दोनों spellings से search करते हैं।
जन्म कुंडली बनाने के लिए क्या जानकारी चाहिए?
मुख्य रूप से जन्म तारीख, सही जन्म समय और जन्म स्थान चाहिए। Exact location calculation में latitude, longitude और time zone निर्धारित करने में मदद करती है।
क्या केवल जन्म तारीख से Kundli बन सकती है?
केवल तारीख से कुछ planetary information निकाली जा सकती है, लेकिन exact Lagna और house-based Janam Kundli के लिए जन्म समय और स्थान जरूरी हैं।
जन्म समय गलत हो तो क्या असर पड़ता है?
गलत समय से लग्न, भाव और कुछ divisional calculations प्रभावित हो सकती हैं। Lagna boundary के आसपास कुछ मिनटों का अंतर भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
लग्न और चंद्र राशि में क्या अंतर है?
लग्न जन्म समय और स्थान के आधार पर पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में स्थित होता है, वह है।
D1 और D9 Kundli में क्या अंतर है?
D1 मुख्य जन्म कुंडली है। D9 नवांश एक divisional chart है जिसका उपयोग D1 के संकेतों को अधिक गहराई से समझने, ग्रहों की सूक्ष्म स्थिति और विशेष रूप से विवाह संबंधी analysis में किया जाता है।
महादशा और अंतर्दशा क्या होती हैं?
Vimshottari Dasha में जीवन को ग्रहों से जुड़े समय-खंडों में देखा जाता है। महादशा बड़ा period है और अंतर्दशा उसी period के भीतर छोटा sub-period है।
अलग-अलग Kundli websites पर परिणाम अलग क्यों आते हैं?
जन्म समय, location, timezone, Ayanamsha, Rahu-Ketu convention, house calculation और prediction methodology में अंतर इसका कारण हो सकता है।
Online Kundli बनाने के बाद आगे क्या करें?
पहले जन्म विवरण verify करें। फिर लग्न, राशि, नक्षत्र, ग्रह, भाव और दशा देखें। किसी specific सवाल का जवाब चाहते हैं तो उससे जुड़े कई ज्योतिषीय factors को साथ देखकर निष्कर्ष निकालें।
क्या Kundli report में योग और दोष भी मिलते हैं?
हाँ। KundliLive उपलब्ध deterministic नियमों से बने प्रमुख योग और दोष दिखाता है। यह हर संभव पारंपरिक योग, अपवाद या व्याख्या शामिल होने का दावा नहीं करता।
क्या KundliLive भविष्य के परिणाम की गारंटी देता है?
नहीं। फलादेश गणना-आधारित ज्योतिषीय संकेत समझाता है; यह निश्चित परिणाम या medical, legal अथवा financial सलाह नहीं है।
क्या मुफ्त Kundli बनाने के लिए login जरूरी है?
नहीं। सार्वजनिक Kundli tool में जन्म विवरण भरकर उपलब्ध chart और report बिना login देखी जा सकती है। Account saved profiles और अतिरिक्त निजी सुविधाओं के लिए उपयोगी है।
Kundli report में क्या-क्या शामिल होता है?
उपलब्ध report में जन्म सारांश, लग्न, राशि, नक्षत्र, ग्रहों की degree, D1 और प्रमुख divisional charts, योग-दोष, साढ़ेसाती, दशा-अंतर्दशा-प्रत्यंतर, गोचर और उपलब्ध फलादेश शामिल हैं।
क्या Kundli report print की जा सकती है?
हाँ। Print विकल्प से जन्म सारांश, charts, योग-दोष और साढ़ेसाती, दशा और गोचर अथवा पूरी report चुनी जा सकती है।
अपनी Kundli बनाएं और केवल Chart नहीं, उसका मतलब भी समझें
एक उपयोगी Kundli Online in Hindi वही है जो आपको सिर्फ ग्रहों का chart न दिखाए, बल्कि यह भी समझने में मदद करे कि ग्रहों, भावों, वर्ग कुंडलियों और दशाओं का आपस में क्या संबंध है।
अपनी सही जन्म तिथि, समय और स्थान दर्ज करें, जन्म कुंडली बनाएं और फिर उसके अलग-अलग हिस्सों को क्रम से देखें।