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KundliLive पर्व संग्रह

कार्तिक के व्रत और त्योहार

कार्तिक में दीपावली का उत्सव-क्रम, छठ और देवउठनी एकादशी प्रमुख हैं। कृष्ण पक्ष के लिए यहाँ पूर्णिमांत मास-नाम प्रयुक्त हैं।

पर्व और उनका परिचय

दीपावली

कार्तिक अमावस्या

दीपावली दीपों, घर की स्वच्छता और पारिवारिक मिलन का पर्व है। कई परिवार लक्ष्मी और गणेश का पूजन करते हैं; क्षेत्र के अनुसार उत्सव के दिन और परंपराएँ बदल सकती हैं।

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करवा चौथ

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, पूर्णिमांत परंपरा

करवा चौथ उत्तर भारत के अनेक परिवारों में दांपत्य संबंध से जुड़ा व्रत है। पूजा और चंद्र-दर्शन का क्रम क्षेत्र के अनुसार भिन्न होता है।

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छठ पूजा

कार्तिक शुक्ल षष्ठी का प्रमुख पर्व

छठ सूर्य-उपासना का पर्व है, जिसमें संध्या और प्रातःकाल अर्घ्य दिया जाता है। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और प्रवासी समुदायों में इसकी विशेष परंपरा है।

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धनतेरस

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी, पूर्णिमांत परंपरा

धनतेरस दीपावली के उत्सव-क्रम का हिस्सा है। धन्वंतरि-स्मरण, दीपदान और घर की तैयारी से जुड़ी परंपराएँ प्रचलित हैं।

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भाई दूज

कार्तिक शुक्ल द्वितीया

भाई दूज भाई-बहन के स्नेह का पर्व है। तिलक, भोजन और शुभकामनाओं की परंपराएँ परिवार के अनुसार बदलती हैं।

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गोवर्धन पूजा

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा

गोवर्धन पूजा कृष्ण-भक्ति और अन्नकूट की परंपरा से जुड़ी है। मंदिरों और घरों में विविध पकवानों का भोग लगाया जाता है।

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देवउठनी एकादशी

कार्तिक शुक्ल एकादशी

देवउठनी एकादशी विष्णु-उपासना और चातुर्मास के समापन की परंपरा से जुड़ी है। तुलसी-विवाह के आयोजन भी इसी समय होते हैं।

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इस संग्रह को समझें

दीपावली उत्सव का क्रम

धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के लिए अलग तैयारी रखें। लक्ष्मी पूजा का समय और भाई दूज के तिलक का समय एक नहीं है। नीचे संबंधित लेखों में सामग्री तथा परंपरा दी गई है।

छठ और देवउठनी एकादशी

छठ में संध्या तथा उषा अर्घ्य का क्रम मुख्य है। देवउठनी एकादशी विष्णु-उपासना और तुलसी-संबंधी परंपराओं से जुड़ी है। स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त तथा व्रत-नियम अलग देखें।