KundliLive पर्व संग्रह
हिन्दू त्योहार
हिन्दू पर्वों में चंद्र तिथि, सौर संक्रमण और क्षेत्रीय परंपराओं की अलग भूमिका होती है। यहाँ त्योहार का पारंपरिक आधार और पूजा का परिचय दिया है; वर्ष की तारीख के लिए पंचांग देखें।
पर्व और उनका परिचय
दीपावली
कार्तिक अमावस्या
दीपावली दीपों, घर की स्वच्छता और पारिवारिक मिलन का पर्व है। कई परिवार लक्ष्मी और गणेश का पूजन करते हैं; क्षेत्र के अनुसार उत्सव के दिन और परंपराएँ बदल सकती हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →होली
फाल्गुन पूर्णिमा और उसके अगले दिन
होली का उत्सव होलिका-दहन और रंगोत्सव से जुड़ा है। दहन और रंग खेलने का दिन अलग हो सकता है; स्थानीय समुदायों की रस्मों में भी अंतर मिलता है।
विवरण और पूजा-परिचय →रक्षाबंधन
श्रावण पूर्णिमा
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, सहयोग और पारिवारिक संबंधों का पर्व है। राखी बाँधने के साथ परिवार शुभकामनाएँ और मिठाई साझा करते हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →विजयादशमी / दशहरा
आश्विन शुक्ल दशमी
विजयादशमी धर्म की विजय से जुड़ा पर्व है। रामलीला, दुर्गा-प्रतिमा विसर्जन, शस्त्र-पूजन और विद्यारंभ जैसी परंपराएँ अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचलित हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →शारदीय नवरात्रि
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी
शारदीय नवरात्रि में देवी की उपासना की जाती है। घटस्थापना, दुर्गा-पाठ, गरबा और कन्या-पूजन जैसी परंपराएँ परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग होती हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →गणेश चतुर्थी
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश की उपासना का पर्व है। घरों और सार्वजनिक मंडपों में स्थापना होती है; विसर्जन का दिन परिवार की परंपरा से तय होता है।
विवरण और पूजा-परिचय →राम नवमी
चैत्र शुक्ल नवमी
राम नवमी भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। रामायण-पाठ, भजन और मंदिरों के विशेष आयोजन इस पर्व का हिस्सा हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →कृष्ण जन्माष्टमी
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, पूर्णिमांत परंपरा
जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व है। झाँकी, भजन और रात्रि-पूजन के साथ कई स्थानों पर अगले दिन दही-हांडी का आयोजन होता है।
विवरण और पूजा-परिचय →महाशिवरात्रि
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, पूर्णिमांत परंपरा
महाशिवरात्रि शिव-उपासना का प्रमुख पर्व है। रात्रि-जागरण, अभिषेक और शिव-मंत्र जप की परंपराएँ प्रचलित हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →मकर संक्रांति
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश
मकर संक्रांति सौर संक्रमण से जुड़ा पर्व है। तिल-गुड़, दान, स्नान और पतंगोत्सव जैसी परंपराएँ अनेक क्षेत्रों में मिलती हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →दुर्गा पूजा
आश्विन शुक्ल पक्ष
दुर्गा पूजा में देवी दुर्गा की प्रतिमा, सामुदायिक पूजा और सांस्कृतिक आयोजन प्रमुख हैं। बंगाल सहित कई क्षेत्रों में षष्ठी से दशमी तक विशेष कार्यक्रम होते हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →चैत्र नवरात्रि
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी
चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में देवी-उपासना का उत्सव है। कई भारतीय संवत्सर परंपराओं में इसी समय नववर्ष का स्वागत भी होता है।
विवरण और पूजा-परिचय →अक्षय तृतीया
वैशाख शुक्ल तृतीया
अक्षय तृतीया दान, उपासना और शुभ आरंभ की परंपराओं से जुड़ी है। खरीदारी इस पर्व की अनिवार्य धार्मिक शर्त नहीं है।
विवरण और पूजा-परिचय →गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा शिक्षक, गुरु और ज्ञान-परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। अनेक आश्रमों और शिक्षण परंपराओं में विशेष कार्यक्रम होते हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →हनुमान जयंती
चैत्र पूर्णिमा की उत्तर भारतीय परंपरा
हनुमान जयंती हनुमानजी के जन्मोत्सव से जुड़ी है। विभिन्न क्षेत्रों में यह अलग महीनों और तिथियों पर भी मनाई जाती है।
विवरण और पूजा-परिचय →नाग पंचमी
श्रावण शुक्ल पंचमी
नाग पंचमी नाग-पूजन की परंपरा से जुड़ी है। कई परिवार प्रतीक या चित्र के माध्यम से पूजा करते हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →करवा चौथ
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, पूर्णिमांत परंपरा
करवा चौथ उत्तर भारत के अनेक परिवारों में दांपत्य संबंध से जुड़ा व्रत है। पूजा और चंद्र-दर्शन का क्रम क्षेत्र के अनुसार भिन्न होता है।
विवरण और पूजा-परिचय →छठ पूजा
कार्तिक शुक्ल षष्ठी का प्रमुख पर्व
छठ सूर्य-उपासना का पर्व है, जिसमें संध्या और प्रातःकाल अर्घ्य दिया जाता है। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और प्रवासी समुदायों में इसकी विशेष परंपरा है।
विवरण और पूजा-परिचय →धनतेरस
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी, पूर्णिमांत परंपरा
धनतेरस दीपावली के उत्सव-क्रम का हिस्सा है। धन्वंतरि-स्मरण, दीपदान और घर की तैयारी से जुड़ी परंपराएँ प्रचलित हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →भाई दूज
कार्तिक शुक्ल द्वितीया
भाई दूज भाई-बहन के स्नेह का पर्व है। तिलक, भोजन और शुभकामनाओं की परंपराएँ परिवार के अनुसार बदलती हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →वसंत पंचमी
माघ शुक्ल पंचमी
वसंत पंचमी सरस्वती-पूजन, अध्ययन और वसंत ऋतु के स्वागत से जुड़ी है। कई परिवार बच्चों का विद्यारंभ कराते हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →गंगा दशहरा
ज्येष्ठ शुक्ल दशमी
गंगा दशहरा गंगा के अवतरण की धार्मिक मान्यता से जुड़ा पर्व है। नदी-तटों पर स्नान, पूजा और दान के आयोजन होते हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →जगन्नाथ रथ यात्रा
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया
रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की यात्रा से जुड़ा उत्सव है। पुरी का आयोजन विशेष प्रसिद्ध है; अन्य नगरों में भी यात्राएँ होती हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →गोवर्धन पूजा
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
गोवर्धन पूजा कृष्ण-भक्ति और अन्नकूट की परंपरा से जुड़ी है। मंदिरों और घरों में विविध पकवानों का भोग लगाया जाता है।
विवरण और पूजा-परिचय →देवउठनी एकादशी
कार्तिक शुक्ल एकादशी
देवउठनी एकादशी विष्णु-उपासना और चातुर्मास के समापन की परंपरा से जुड़ी है। तुलसी-विवाह के आयोजन भी इसी समय होते हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →